पं. हरिकेश पटवारी

पं. हरिकेश पटवारी आशु कवि पं हरिकेश पटवारी का जन्म 7 अगस्त 1898 को गांव धनौरी, तहसील नरवाना, जिला जींद (हरियाणा) में हुआ। धनौरी गांव नरवाना-पतरन राजमार्ग पर दाता सिंह वाला से 5 किलोमीटर की दुरी पर है। इनके पिता का नाम उमाशंकर व माता का नाम बसन्ती देवी था। उस समय धनौरी पटियाला रियासत …

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पं. सुल्तान सांगी

पं. सुल्तान (रोहद) गंधर्व कवि प. लख्मीचंद की आँखों का तारा व उनके सांगीत बेड़े में उम्र भर आहुति देने वाले सांग-सम्राट पं. सुल्तान का जन्म 1918 ई0 को गांव- रोहद, जिला- झज्जर (हरियाणा) के एक मध्यम वर्गीय ‘चौरासिया ब्राह्मण’ परिवार मे हुआ। इनके पिता का नाम पं. जोखिराम शर्मा व माता का नाम हंसकौर …

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दादा बस्ती राम

दादा बस्तीराम दादा बस्तीराम का जन्म 1842 के आस-पास खेड़ी सुल्तान गांव में हुआ था जो अब हरियाणा के तहसील और जिला झज्जर में है | प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने वाराणसी में विभिन्न संस्कृत संस्थानों से उच्च शिक्षा ग्रहण की।वे स्वामी दयानंद सरस्वती जी से काफी प्रभावित थे |1880 में उनके सम्पर्क में आये …

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आज़ाद कवि चौधरी मुंशी राम

आज़ाद कवि चौधरी मुंशी राम आज़ाद कवि चौधरी मुंशी राम का जन्म 26 मार्च 1915 को गांव जंडली (छोटी जांडली), जिला फतेहाबाद (जो उस समय जिला हिसार में था ) में एक किसान चौधरी धारी राम के घर हुआ | उनकी माता श्री का नाम शान्ति देवी था | उनकी प्रारम्भिक स्तर की शिक्षा उन्ही …

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पं० मांगे राम

पंडित मांगे राम पंडित मांगे राम का जन्म सिसाना (रोहतक) जो की अब सोनीपत जिले के अंतर्गत आता है, में 1905 हुआ | इनके पिता का नाम अमर सिंह व माता का नाम धरमो देवी था | पंडित मांगे राम के चार भाई – टीकाराम, हुकमचंद चंदरभान और रामचंद्र तथा दो बहने- नौरंगदे (गोंधा) और …

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बाजे भगत

बाजे भगत बाजेराम, जिसे जनमानस बाजे भगत कहकर पुकारता है, का जन्म जिला सोनीपत के गांव सिसाणा में 16 जुलाई, 1898 ( विक्रमी सम्वत 1955 में श्रावण मास की शिवरात्रि ) को हुआ | उनके पिता का नाम बदलू राम व माता का नाम बादमो देवी था | चार बहन-भाईयो में बाजेराम तीसरे नंबर पे थे, जिसमे …

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जाट मेहर सिंह

शहीद कवि जाट मेहर सिंह एक अनुमान के अनुसार उनका जन्म 15 फरवरी 1918 को बरोणा  तहसील-खरखौदा (जिला-सोनीपत) हरियाणा में नंदराम के घर हुआ। चार भाइयों भूप सिंह, मांगेराम, कंवर सिंह व एक बहन सहजो में वह सबसे बड़े थे। परिवार की माली हालत के चलते पढऩे में होशियार होने के बावजूद वे तीसरी जमात …

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हरियाणा-एक परिचय

हरियाणा-एक परिचय हरियाणा उत्तर भारत का एक राज्य है जिसकी राजधानी चण्डीगढ़ है। इसकी सीमायें उत्तर में हिमाचल प्रदेश, दक्षिण एवं पश्चिम में राजस्थान से जुड़ी हुई हैं। यमुना नदी इसके उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश राज्यों के साथ पूर्वी सीमा को परिभाषित करती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली हरियाणा से तीन ओर से घिरी हुई है और फलस्वरूप हरियाणा का दक्षिणी क्षेत्र नियोजित विकास के उद्देश्य से राष्ट्रीय …

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हरियाणा का इतिहास

हरियाणा का इतिहास​ हरियाणा अब पंजाब का एक हिस्सा नहीं है पर यह एक लंबे समय तक ब्रिटिश भारत में पंजाब प्रान्त का एक भाग रहा है और इसके इतिहास में इसकी एक महत्वपूर्ण भूमिका है। हरियाणा के बानावाली और राखीगढ़ी, जो अब हिसार में हैं, सिंधु घाटी सभ्यता का हिस्सा रहे हैं, जो कि …

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पं० लख्मी चन्द

सूर्यकवि पं॰ श्री लखमीचन्द हरियाणा के सूर्यकवि एवं हरियाणवी भाषा के शेक्सपीयर के रूप में विख्यात पं॰ श्री लखमीचन्द का जन्म 15 जुलाई 1903 (कुछ लोग उनका जन्म 1901 में भी मानते है ) में तत्कालीन रोहतक जिले के सोनीपत तहसील मे जमुना नदी के किनारे बसे जांटी नामक गाँव के साधरण गौड़ ब्रहाम्ह्ण परिवार मे …

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