कला

चौधरी मुंशी राम

चौधरी मुंशी राम आज़ाद कवि चौधरी मुंशी राम का जन्म 26 मार्च 1915 को गांव जंडली (छोटी जांडली), जिला फतेहाबाद (जो उस समय जिला हिसार में था) में एक किसान चौधरी धारी राम के घर हुआ। उनकी माता श्री का नाम शान्ति देवी था। उनकी प्रारम्भिक स्तर की शिक्षा उन्ही के पैतृक गाँव मे बाबा पंचमगिरी धाम के अन्दर हुयी। यहाँ उन्होंने चौथी कक्षा तक उर्दू की पढ़ाई की। गांव व दूर-दराज़ के क्षेत्र में कोई शिक्षण संस्थान ना होने …

चौधरी मुंशी राम …और पढणा सै

पं. सुल्तान (रोहद)

पं. सुल्तान (रोहद) गंधर्व कवि प. लख्मीचंद की आँखों का तारा व उनके सांगीत बेड़े में उम्र भर आहुति देने वाले सांग-सम्राट पं. सुल्तान का जन्म 1918 ई॰ को गांव- रोहद, जिला-झज्जर (हरियाणा) के एक मध्यम वर्गीय ‘चौरासिया ब्राह्मण’ परिवार मे हुआ। इनके पिता का नाम पं. जोखिराम शर्मा व माता का नाम हंसकौर था। उनका विवाह कस्तूरी देवी, गाँव सरूरपुर कलां, जिला बागपत-उत्तर प्रदेश के साथ हुआ। पंडित सुल्तान शैक्षिक तौर पर बिल्कुल ही अनपढ़ थे, परन्तु गीत-संगीत की …

पं. सुल्तान (रोहद) …और पढणा सै

बाजे भगत

बाजे भगत बाजेराम, जिसे जनमानस बाजे भगत कहकर पुकारता है, का जन्म जिला सोनीपत के गांव सिसाणा में 16 जुलाई, 1898 ( विक्रमी सम्वत 1955 में श्रावण मास की शिवरात्रि ) को हुआ। उनके पिता का नाम बदलू राम व माता का नाम बादमो देवी था। चार बहन-भाईयो में बाजेराम तीसरे नंबर पे थे, जिसमे उनकी बड़ी बहन हरकौर, भाई शिवधन व छोटी बहन धन्नो थी। उनका विवाह कासंडी निवासी श्री सुंडूराम की पुत्री पण्मेश्वरी देवी से हुआ था, जिनसे …

बाजे भगत …और पढणा सै

जाट मेहर सिंह

जाट मेहर सिंह एक अनुमान के अनुसार उनका जन्म 15 फरवरी 1918 को बरोणा तहसील-खरखौदा (जिला-सोनीपत) हरियाणा में नंदराम के घर हुआ। चार भाइयों भूप सिंह, मांगेराम, कंवर सिंह व एक बहन सहजो में वह सबसे बड़े थे। परिवार की माली हालत के चलते पढऩे में होशियार होने के बावजूद वे तीसरी जमात से आगे नहीं पढ़ सके। पढ़ाई छूट जाने के कारण वे पशु चराने व कृषि कार्यों में हाथ बंटाने लगे। घर में रागनी पर पाबंदी होने के …

जाट मेहर सिंह …और पढणा सै

पं॰ मांगे राम

पं॰ मांगे राम पंडित मांगे राम का जन्म सिसाना (रोहतक) जो की अब सोनीपत जिले के अंतर्गत आता है, में 1905 हुआ। इनके पिता का नाम अमर सिंह व माता का नाम धरमो देवी था। पंडित मांगे राम के चार भाई–टीकाराम, हुकमचंद चंदरभान और रामचंद्र तथा दो बहने-नौरंगदे (गोंधा) और चन्द्रपति थी। पंडित मांगे राम अपने भाई बहनो में सबसे बड़े थे। मांगे राम के नाना पंडित उदमीराम गॉंव पाणची (सोनीपत) अच्छी जमीन-जायदाद के मालिक थे। परन्तु उनकी कोई संतान …

पं॰ मांगे राम …और पढणा सै

पं॰ लखमीचन्द

पं॰ लखमीचन्द हरियाणा के सूर्यकवि एवं हरियाणवी भाषा के शेक्सपीयर के रूप में विख्यात पं॰ श्री लखमीचन्द का जन्म 15 जुलाई 1903 (कुछ लोग उनका जन्म 1901 में भी मानते है ) में तत्कालीन रोहतक जिले के सोनीपत तहसील मे जमुना नदी के किनारे बसे जांटी नामक गाँव के साधरण गौड़ ब्रहाम्ह्ण परिवार मे हुआ। श्री लखमीचंद के पिता पं॰ उमदीराम एक साधारण से किसान थे, जो अपनी थोड़ी सी जमीन पर कृषि करके समस्त परिवार का पालन–पोषण करते थे। …

पं॰ लखमीचन्द …और पढणा सै